What is Network in Hindi - PAN, LAN, MAN, WAN

कम्प्यूटर नेटवर्क (Computer network) से तात्पर्य आस-पास या दूर बिखरे हुए कंप्यूटरों को इस प्रकार जोड़ने से है कि उनमें से प्रत्येक कम्प्यूटर, किसी दूसरे कम्प्यूटर के साथ स्वतंत्र रूप से सम्पर्क बनाकर सूचनाओं (Information) या संदेशों (Messages) का आदान-प्रदान कर सके और एक दूसरे के साधनों तथा सुविधाओं का साझा (Share) कर सके. ये सन्देश या सूचना किसी भी प्रकार के हो सकते हैं जैसे Video, Images, Files and more types.
यहाँ हमने जाना कि, कम्प्यूटर नेटवर्क क्या है? (What is Computer Network kya hai.) अब हम बात करेंगे कि नेटवर्क क्या है? (Network kya hai.) यहाँ हम आपको नेटवर्क के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करेंगे जिससे आपको किसी अन्य site में जाने की जरुरत न हो और साथ ही आपका समय भी बच जाये.

Image - Computer Network
Image - Network

    नेटवर्क क्या है?

    नेटवर्क एक से अधिक बिंदुओं, वस्तुओं या व्यक्तियों का ऐसा समूह है कि उनमें से प्रत्येक, किसी दूसरे के साथ इस प्रकार सीधा/स्वतंत्र सम्बन्ध बना सके कि सूचनाओं का साझा कर सके. प्रत्येक नेटवर्क का एक निश्चित उद्देश्य होता है. चूँकि ये बिंदुओं/वस्तुओं का समूह होता है (A group of devices that are connected to each other.) इसीलिए नेटवर्क कि अवधारणा कम्प्यूटर नेटवर्क से है.
    बिंदुओं/वस्तुओं का अर्थ यहाँ कंप्यूटरों से है और इनके समूह को ही नेटवर्क कहते हैं, नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटरों को कम्प्यूटर शब्दावली/भाषा में नोड (Node) कहते हैं केवल सर्वर (Server) कंप्यूटरों को छोड़कर.
    अगर हम कम्प्यूटर नेटवर्क के वास्तविक अर्थ कि बात करें तो, कम्प्यूटर नेटवर्क एक-से-अधिक Computers को किसी संचार माध्यम से आपस में इस प्रकार जोड़ता है कि वे अपना सन्देश दूसरों को भेज सकें तथा प्राप्त भी कर सकें. किसी कम्प्यूटर नेटवर्क के कम्प्यूटर अपने नेटवर्क में रहते हुए दूसरे नेटवर्क के कम्प्यूटर के साथ भी सम्पर्क कर सकते हैं.
    नेटवर्क तकनीकी चर्चा सूचना स्थानांतरण के आधार पर तीन रूपों में करते हैं –
    1. ध्वनि (Voice)
    2. डेटा (Data)
    3. वीडियो (Video)
    ध्वनि, डेटा और वीडियो को एक साथ मिलाना एक जटिल कार्य है किंतु ध्वनि और डेटा को हम आसानी से मिला सकते हैं. किंतु आज के तकनीकी के माध्यम से तीनों का स्थानांतरण आसान कार्य हो गया है. इसके उदाहरण है Internet. कई क्षेत्रों में एक ही प्रकार के सूचना स्थानांतरण काफी प्रचलित हैं. ध्वनि स्थानांतरण में मोबाइल फोन अधिक प्रचलित हैं इनका नेटवर्क बहुत बड़ा है.
    नेटवर्क में जो Data transmission की तकनीक है उसे पैकेट स्विचिंग (Packet switching) कहते हैं. उपयोगकर्ता के द्वारा भेजे जाने वाले डेटा/मैसेज को छोटी- छोटी इकाइयों में तोड़ा जाता जाता है, जिन्हे पैकेट (Packet) कहते हैं. इनमें से प्रत्येक पैकेट को अलग-अलग मानकर उसके निश्चित पते पर तब तक एक Packet Switching Exchange (PSE) से दूसरे PSE तक भेजा जाता है जब तक की डेटा/मैसेज निश्चित पते तक नहीं पहुँच जाता. इस प्रक्रिया में प्रत्येक Exchange में डेटा की जाँच की जाती है.
    Computer network से connected computers के आधार पर इन्हे दो भागों में विभाजित किया जाता है –
    सजातीय नेटवर्क (Homogeneous Network)
    विजातीय नेटवर्क (Heterogeneous Network)

    सजातीय नेटवर्क (Homogeneous Network)

    ये समान Configuration, OS (Operating system), Protocol वाले कंप्यूटरों से मिलकर बनता है. इसके अंतर्गत LAN (Local Area Network) आते हैं.

    विजातीय नेटवर्क (Heterogeneous Network)

    ये विभिन्न प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम, प्रोटोकॉल वाले कंप्यूटरों से मिलकर बनता है. इसके अंतर्गत WAN (Wide Area Network) आते हैं.

    नेटवर्क के तत्व

    कम्प्यूटर नेटवर्क विभिन्न तत्वों (Components) का समूह होता है. हम यहाँ पाँच मुख्य अवयव के बारे में जानेंगे.

    सर्वर (Server)

    सर्वर क्या है? सर्वर एक ऐसा कम्प्यूटर प्रोग्राम है, जो क्लाईंट (Client) जिसे नोड (Node) भी कहते हैं, से प्राप्त request की पूर्ति अपने हार्ड डिस्क (Hard Disk) में स्टोर डेटा के माध्यम से करता है. अगर हम सर्वर के वास्तविक अर्थ की बात करें तो सर्वर का मतलब ही सर्व करना (to serve) होता है, अर्थात् पूर्ति करना अर्थात् जो क्लाईंट के request की पूर्ति करे.
    सर्वर नेटवर्क का सबसे प्रमुख/केंद्रीय कम्प्यूटर होता है साथ ही इसकी क्षमता अन्य सभी कंप्यूटरों से श्रेष्ठ होती है, ज़्यादातर नेटवर्क का अधिकांश या समस्त डेटा सर्वर में ही स्टोर करके रखा जाता है.
    नेटवर्क के संचालन में इसका अहम योगदान होता है. सर्वर के कई प्रकार होते हैं जैसे – फ़ाईल सर्वर (File Server), डेटाबेस सर्वर (Database Server), मेल सर्वर (Mail Server), एप्लिकेशन सर्वर (Application Server) etc.

    नोड/क्लाईंट (Node/Client)

    सर्वर के कंप्यूटरों को छोड़कर अन्य सभी कम्प्यूटर/डिवाइस को क्लाईंट कहते हैं. क्लाईंट उन कंप्यूटरों को कहते हैं जिनमें उपयोगकर्ता (Users) कार्य करते हैं. प्रत्येक क्लाईंट का निश्चित नाम और पहचान होता है. कुछ क्लाईंट शक्तिशाली होते हैं, जिन्हें प्रायः वर्कस्टेशन (Workstation) कहते हैं. क्लाईंट को ही नोड (Node) कहते हैं.

    नेटवर्क केबल (Network Cable)

    जिन केबलों के माध्यम से कम्प्यूटर्स एक-दूसरे से आपस में जुड़ते हैं उसे नेटवर्क केबल कहते हैं. सूचनाएँ, एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर तक, नेटवर्क केबलों से होकर हस्तांतरित (Transfer) होती हैं. इन केबलों को ही बस (Bus) कहा जाता है.

    नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम (Network Operating System)

    यह ऐसा सॉफ्टवेयर (Software) होता है, जिसे सर्वर में लोड (Load) किया जाता है, जिसका कार्य नेटवर्क के कंप्यूटरों के मध्य सम्बन्ध बनाये रखना होता है साथ ही सूचनाओं के आवागमन (Traffic) को नियंत्रित करता है.

    नेटवर्क कार्ड (Network Card)

    यह एक प्रकार का सर्किट होता है, जो नेटवर्क केबलों को कंप्यूटरों से जोड़ता है. इन कार्डों के माध्यम से सूचनाओं या संदेशों का आवागमन तीव्र गति से होता है. ये कॉर्ड्स नेटवर्क से connected प्रत्येक कम्प्यूटर के मदरबोर्ड (Motherboard) में लगाए जाते हैं. इसे ईथरनेट कार्ड (Ethernet Card)भी कहते हैं.

    नेटवर्क के प्रकार

    नेटवर्क को उनके भौगोलिक (Geographical) दृष्टि के आधार पर अनेक प्रकार से विभाजित किया जाता है, उनमें से तीन (LAN, MAN & WAN) काफी प्रचलित और मुख्य हैं.

    LAN

    Full form of LAN is Local Area Network. LAN में सभी कम्प्यूटर्स संचार केबल के माध्यम से जुड़े होते हैं, चूंकि इन्हें आपस में एक केबल के माध्यम से connect किया जाता है इसलिए इस प्रकार के नेटवर्क का क्षेत्र ज्यादा बड़ा नहीं होता है ये एक Building या एक छोटे Area में फैला होता है. प्रायः इनका प्रयोग Office या Company में किया जाता है. इनमें उपकरणों (Device) को योग्य केबलों (Capable Cables) के द्वारा इस प्रकार से जोड़ा जाता है कि ये सूचनाओं का आदान-प्रदान आसानी से कर सकें. इनकी दूरी 5 Km से कम होती है और DATA Transmission की Maximum rate 10 Mbps तक होती है. वहीं इसमें WAN के मुक़ाबले कम त्रुटि होती है.

    MAN

    Full form of MAN is Metropolitan Area Network. MAN ऐसे प्रकार के नेटवर्क को कहते हैं जहाँ कई LAN आपस में मिल जाते हैं. MAN प्रायः एक शहर या नगर के अंदर फैला हुआ नेटवर्क होता है और ये LAN से बड़ा किंतु WAN से छोटा होता है. इस नेटवर्क में DATA Transmission की speed 10-100 Mbits/sec. होती है. ये काफ़ी महंगे नेटवर्क होते हैं क्योंकि इसमें कंप्यूटरों को जोड़ने के लिए फाइबर ऑप्टिक केबलों (Fibre Optic Cables) का प्रयोग किया जाता है जो कि काफ़ी महंगे Cables होते हैं. इस नेटवर्क में प्रमुख रूप से Landline service provider कंपनियाँ और केबल ऑपरेटर्स (Cable Operators) को शामिल किया जाता है.

    WAN

    Full form of WAN is Wide Area Network. WAN एक ऐसा नेटवर्क होता है जिसमें Computers/Devices जो सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं, भौतिक रूप से काफ़ी दूर हो सकते हैं, ये दूरी हजारों किलोमीटर की भी हो सकती. WAN में Computers को आपस में connect होने के लिए केबल का ही उपयोग किया जाए ये जरूरी नहीं. इसमें Computers Wire के माध्यम से भी connect होते हैं और Wireless भी.
    WAN के द्वारा अन्य देशों के नेटवर्क के साथ जुड़ सकते हैं. इसमें सूचनाओं के आवागमन लिए समुद्र के नीचे Fibre Optic Cable बिछाए जाते हैं या संचार उपग्रहों (Communication Satellites) का प्रयोग किया जाता है. इसमें DATA Transmission की गति, ज्यादा दूरी के कारण कम होती है. वहीं इसमें LAN के मुकाबले त्रुटियों की संभावना भी अधिक होती है.
    WAN को LAN of LANs भी कहा जाता है.
    जितने भी बड़े-बड़े Networks हैं वे WAN type के नेटवर्क होते हैं. दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क इंटरनेट (Internet) है.

    WLAN

    Full form of WLAN is Wireless Local Area Network. WLAN Local Area Network की तरह ही Local Network होता है किंतु इसमें फर्क ये होता है की LAN में Devices को connect करने के लिए Cables की जरुरत होती है और WLAN में बिना केबल के Wi-Fi, Bluetooth, Radio & Infrared etc. के माध्यम से Devices को connect किया जा सकता है, इसलिए इसे वायरलेस लोकल एरिया नेटवर्क कहा जाता है.

    PAN

    Full form of PAN is Personal Area Network. PAN छोटा सा नेटवर्क होता है इस नेटवर्क में बहुत कम जैसे एक या दो कंप्यूटर्स होते हैं इसमें Video game, Telephone और कुछ Devices जुड़े होते हैं. सामान्यतः इसे स्थापित करने का कोई बड़ा उद्देश्य नहीं होता है, इसे स्थापित करना भी आसान होता है। 

    HAN

    Full form of HAN is Home Area Network. HAN Personal Area Network से थोड़ा बड़ा रूप होता है. इसमें जो नेटवर्क स्थापित किये जाते हैं वो एक ही घर के अंदर होते हैं जैसे घर में printer, TV, Video game Computer और ऐसे Devices जो घर के में होते हैं. इसे भी स्थापित करने के पीछे कोई बड़ा उद्देश्य नहीं होता है.

    CAN

    Full form of CAN is Campus Area Network OR Corporate Area Network OR Controller Area Network. CAN ऐसे प्रकार  नेटवर्क है जिसको स्थापित किया जाता है शैक्षणिक संस्थाओं में या Corporate में. क्योंकि इसमें LAN के मुक़ाबले DATA Transfer speed अधिक होती है. इसे कई Buildings में भी Connect किया जा सकता है क्योंकि इसमें Device को two way से Connect किया जा सकता है Wireless या Wire से.
    वहीं इसकी Security की बात करें तो ये बहुत Secure होता है क्योंकि इसे Limited Users ही Access कर सकते हैं और इसमें Unauthorized User enter नहीं कर सकता.

    SAN

    Full form of SAN in Storage Area Network. SAN के नाम से ही स्पष्ट हो जाता है कि यह ऐसा नेटवर्क है जिसमें उन सभी Informations और DATA को Save करके रखा जाता है जो ज़रुरी डेटा हों. SAN में Stored DATA का Access अन्य नेटवर्क के मुक़ाबले तीव्रता से प्राप्त किया जा सकता है. SAN में हमारा DATA Saved रहता है, वहीं इसमें DATA या Informations के Delete हो जाने का भी Risk नहीं होता, क्योंकि इसमें सभी Connected Device एक-दूसरे के Back-Up का कार्य करती हैं. इसको स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य DATA Store करने का होता है इसलिए इसमें DATA को Store करना अन्य नेटवर्क के अपेक्षा सस्ता होता है.

    SWAN

    Full form of SWAN is State Wide Area Network. SWAN भारतीय सरकार की राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंश योजना (NEGP) के अंतर्गत सुविधाएँ देने वाले घटकों में से एक है. इसको स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य एक Closed User Group Network का निर्माण करना है वहीं सरकार के कार्य और राज्य मुख्यालय, ज़िला मुख्यालय, ब्लॉक मुख्यालय को भी जोड़ने के लिए सुरक्षित (Secure) और High Speed Connectivity प्रदान करना है.

    Network Devices क्या है और कितने प्रकार हैं?

    Signals की power को increase करने के लिए जिसका Use किया जाता है उसे ही Network Devices कहते हैं. वहीं नेटवर्क युक्तियों का प्रयोग Computers को आपस में Connect करने के लिए किया जाता है.

    मॉडम (Modem)

    मॉडम क्या है? मॉडम, Modulator Demodulator का sort form है. ये Analog signal को Digital signal और Digital signal को Analog signal में बदलने का कार्य करता है. इसे Telephone line और Computer के मध्य लगाया जाता है.
    Modulation
    Digital signal को Analog signal में बदलने की process को Modulation कहते हैं.
    Demodulation
    Analog signal को Digital signal में बदलने की process को Demodulation कहते हैं.

    रिपीटर (Repeater)

    यह एक Electronic device है जो Low Level के signal को Receive करके, उन्हें High Level का बनाकर वापस भेजता है. Repeaters का मुख्य कार्य कमजोर हो चुके signal को एवं उनसे होने वाले नुकसान से बचाना है. Repeaters का प्रयोग नेटवर्क में दो Computers को आपस में जोड़ने वाले Cable की लम्बाई बढ़ाने के लिए किया जाता है. ये most useful होता है जब Computers को जोड़ने के लिए लम्बे Cable की आवश्यकता पड़ती है.

    हब (Hub)

    हब क्या है? हब का प्रयोग ऐसे स्थानों में किया जाता है, जहाँ Network सारी Cable मिलती हैं. ये एक प्रकार का रिपीटर होता है, इसमें नेटवर्क चैनलों को जोड़ने के लिए ports लगे होते हैं. प्रायः एक पोर्ट में 4, 8, 16 या 24 port लगे होते हैं.
    एक बड़े Hub में अधिकतर 24 Computers जोड़े जा सकते हैं. इससे ज्यादा Computers को जोड़ने के लिए एक और Hub का प्रयोग किया जा सकता है. Hubs को आपस में Connect और Remove करना आसान होता है. जब दो-या-दो से अधिक Hub को जोड़ा जाता है तो इसे डेज़ी चेनिंग (Daisy Chain) कहा जाता है. Hubs OSI Model के physical layer 1 पर काम करता है.
    Hub का प्रयोग अब कम होते जा रहा है क्योंकि इसका स्थान Switch लेते जा रही है.

    ब्रिज (Bridge)

    Bridge छोटे Networks को आपस में connect करने का कार्य करती है, जिससे कि छोटे नेटवर्क आपस में connect होकर बड़े नेटवर्क जैसा work करे. Bridge बड़े या व्यस्त नेटवर्क को छोटे नेटवर्क में distribute करने का कार्य भी करती है.

    राउटर (Router)

    Router का प्रयोग Network में data packet transfer करने के लिए किया जाता है, data sharing के इस process को हम राउटिंग (Routing) कहते हैं. जितने भी बड़े नेटवर्क होते हैं उसमें एक से अधिक router होते हैं.

    स्विच (Switch)

    ये एक Network device का प्रकार है जो Computers को connect करने के लिए Hub के स्थान पर किया जाता है. ये Local Area के Networks को connect करने का कार्य करती है. Hub और Switch में एक main difference ये होता है कि Hubs जो होती हैं Hub को Non-Intelligent device कहा जाता है जबकि Switch को Intelligent device.

    ब्राउटर (Brouter)

    ये कभी Router तो कभी Bridge की तरह कार्य करता है इसलिए इसे Brouter कहते हैं. इनके दो प्रकार Single Protocol और Multi Protocol हैं.

    गेटवे (Gateway)

    यह ऐसी Network device है, जो दो Protocols को जोड़ने का कार्य करती है. इसे Protocol converter कहते हैं. Gateway Firewall की तरह वर्क करता है, ये Router and Switch से more complex होती हैं.

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    नेटवर्क को हिंदी में क्या कहते हैं?

    नेटवर्क को हिंदी में जाल-तंत्र कहते हैं।

    इंटरनेट किस प्रकार का नेटवर्क है?

    इंटरनेट WAN network का प्रकार है।

    Conclusion

    हमें उम्मीद है कि आपको Network kya hai./Network के प्रकार और Network Devices. के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल गयी होगी. हमने यहाँ Network के प्रकार, परिभाषा, कंप्यूटर नेटवर्क, Network Devices और Network Components के बारे में जाना.
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